2025 की शुरुआत के साथ, अरब दुनिया में ऑटोमोबाइल संस्कृति एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। खासकर खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और कतर में गाड़ियों को केवल एक परिवहन साधन नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा, जीवनशैली और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। हाल के वर्षों में, EV (इलेक्ट्रिक वाहन) की ओर बढ़ते रुझान और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने इस संस्कृति को और भी दिलचस्प बना दिया है। इसके साथ ही, रेगिस्तानी ड्राइविंग से लेकर सुपरकार रेसिंग और कार शो के आयोजन तक, अरब देशों में कारों के प्रति प्रेम एक अनूठे स्तर पर देखने को मिलता है।
ग्लोबल ट्रेंड्स के अनुसार, Tesla, Lucid Motors जैसी कंपनियाँ अब अरब मार्केट में तेजी से विस्तार कर रही हैं। इसके अलावा, NEOM सिटी प्रोजेक्ट जैसे मेगाप्रोजेक्ट्स, सऊदी अरब में टिकाऊ ऑटोमोबाइल सिस्टम के भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत कर रहे हैं। यह न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है बल्कि पारंपरिक कार संस्कृति को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की कोशिश भी है।
कार केवल वाहन नहीं, प्रतिष्ठा का प्रतीक
अरब देशों में कारों का उपयोग केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि यह एक सामाजिक स्थिति और आर्थिक शक्ति का प्रदर्शन भी है। महंगे ब्रांड जैसे Rolls Royce, Bentley, Ferrari और Lamborghini यहाँ के राजघरानों और अमीर व्यापारियों की पसंद हैं। सड़कों पर इन शानदार कारों का काफिला देखना आम बात है।
कारों के प्रति यह लगाव पुरानी बर्बर संस्कृति से भी जुड़ा है, जहाँ ऊँटों की सवारी प्रतिष्ठा का प्रतीक थी। आज वही परंपरा कारों के रूप में जीवित है। यहाँ तक कि कारों को व्यक्तिगत रूप से कस्टमाइज़ करना भी एक आम प्रवृत्ति है, जिसमें सोने की परत, हीरे जड़ी नंबर प्लेट या हाई-टेक इंटरफेस शामिल हैं।
रेगिस्तान और ड्राइविंग: एक अनोखा अनुभव
अरब देशों में ड्राइविंग का अनुभव रेगिस्तानी इलाकों की वजह से और भी रोमांचक हो जाता है। ‘डेजर्ट सफारी’, ‘ड्यून बशिंग’ और ऑफ-रोडिंग जैसे साहसिक खेलों में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि कौशल और साहस का भी प्रदर्शन होता है।
सऊदी अरब में विशेष रूप से ‘रियाद कार शो’ और ‘डेजर्ट फेस्टिवल’ जैसे आयोजन लोकप्रिय हैं जहाँ देश-विदेश से कार प्रेमी आते हैं। यहाँ SUV और 4×4 गाड़ियों का बोलबाला है और TOYOTA Land Cruiser और Nissan Patrol जैसी गाड़ियाँ लोगों की पहली पसंद हैं।
डेजर्ट ड्राइविंग की पूरी जानकारी
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ता रुझान
हाल के वर्षों में, अरब देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर UAE और सऊदी अरब जैसे देश ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। Tesla की मॉडल्स के अलावा Lucid Motors और BYD जैसी कंपनियाँ अब इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं।
सरकारें भी EV इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सहायता कर रही हैं, जैसे कि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या में वृद्धि और टैक्स छूट। यह न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाएगा बल्कि पारंपरिक ऑटो इंडस्ट्री को एक नई दिशा देगा।
महिलाओं की ड्राइविंग में बढ़ती भागीदारी
2018 में सऊदी अरब में महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति मिलने के बाद से यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन का साक्षी बना है। महिलाएं अब केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि रेसर, ऑटोमोबाइल इंजीनियर और यूट्यूब ऑटो रिव्यूअर भी बन रही हैं।
इस बदलाव ने न केवल जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा दिया है, बल्कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक नया मार्केट भी खोल दिया है। कई कंपनियाँ अब महिला-केंद्रित कार फीचर्स और मार्केटिंग रणनीतियाँ विकसित कर रही हैं।
मोटर स्पोर्ट्स और ऑटो शो की लोकप्रियता
F1 रेसिंग, ड्रैग रेसिंग, सुपरकार क्लब्स और स्थानीय रैली जैसी गतिविधियाँ अरब दुनिया में बेहद लोकप्रिय हैं। अबू धाबी ग्रैंड प्रिक्स जैसे इवेंट्स ना केवल अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करते हैं।
इसके अलावा, “जेद्दा इंटरनेशनल मोटर शो” और “दुबई इंटरनेशनल ऑटो शो” जैसी प्रदर्शनियों में नवीनतम तकनीक और मॉडल प्रस्तुत किए जाते हैं। ये कार्यक्रम ऑटोमोबाइल के प्रति जनसमूह की रुचि और जुनून को दर्शाते हैं।
भविष्य की झलक: NEOM और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट
सऊदी अरब में बन रही ‘NEOM’ सिटी केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक भविष्य की झलक है जहाँ पारंपरिक कारों की जगह ऑटोमेटेड, EV और फ्लाइंग व्हीकल्स लेंगे। यह प्रोजेक्ट टिकाऊ, स्मार्ट और इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की कोशिश कर रहा है।
NEOM में कारों को AI से नियंत्रित किया जाएगा, और ड्राइवरलेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल दुर्घटनाएँ कम होंगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण में भी कमी आएगी। भविष्य में यह मॉडल अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
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